श्री राम नाथ दास जी महाराज
सर्वप्रथम, मैं अपने गुरु के चरणों में नमन करता हूँ। मैं भागवत धर्म दर्शन के पूज्य संस्थापक रामनाथ दास जी महाराज को नमन करता हूँ। अपने गहन ज्ञान और अटूट भक्ति के माध्यम से, उन्होंने असंख्य व्यक्तियों के जीवन को प्रकाशित किया है और उन्हें सही मार्ग दिखाया है जहाँ कभी भ्रम था। गुरु की शरण में आकर ही व्यक्ति जीवन के सार को सही अर्थों में समझ सकता है। ‘गुरु’ शब्द का अर्थ है ‘वह जो अज्ञान के अंधकार को दूर कर हमें सत्य के प्रकाश की ओर ले जाए।’
भागवत धर्म दर्शन मानवता के आध्यात्मिक और सामाजिक उत्थान के लिए गुरु जी द्वारा प्रेरित एक गहन आंदोलन है। यह दिव्य ज्ञान की एक सतत धारा है जो हमारे जीवन में गहन परिवर्तन लाती है और हमें सच्ची सेवा के लिए प्रेरित करती है। रामनाथ दास जी महाराज ने अपना संपूर्ण जीवन समाज कल्याण के लिए समर्पित कर दिया और अपने सभी शिष्यों को धर्म के मार्ग पर निरंतर मार्गदर्शन किया है। गुरु हमें अपने कर्तव्यों का पालन करने, इस जीवन में सच्ची शांति, समृद्धि और संतोष प्राप्त करने के लिए प्रेरित करते हैं। उनकी शिक्षाएँ सत्य, भक्ति, करुणा और उच्च मानवीय मूल्यों के शाश्वत प्रतीकों पर केंद्रित हैं।
गुरु से प्राप्त प्रेरणा हमें परिष्कृत करती है, तथा निःस्वार्थ एवं दयालु मानव बनाती है।
एक सच्चा गुरु न केवल हमें दुनिया को देखने के नए तरीके प्रदान करता है, बल्कि हमारी आंतरिक आत्मा पर भी गहरा प्रभाव डालता है और हमें आत्म-साक्षात्कार का मार्ग दिखाता है। गुरु का एक महत्वपूर्ण योगदान यह है कि वह हमें अपनी अंतर्निहित क्षमता और योग्यताओं को पहचानने में मदद करता है। वह हमें अपनी नैतिक शक्ति और इच्छाशक्ति को जागृत करने के लिए प्रेरित करता है। जब हम गुरु के मार्गदर्शन का पालन करते हैं, तो हमें अपने छिपे हुए गुणों और क्षमताओं को खोजने और विकसित करने का अवसर मिलता है। गुरु से प्राप्त सच्ची प्रेरणा हमारी असीम आध्यात्मिक शक्ति को जागृत करती है और हमें महान लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए प्रेरित करती है।
संक्षेप में, गुरु से प्राप्त प्रेरणा से हम ज्ञान, आंतरिक शांति, आत्म-नियंत्रण, सकारात्मकता और उच्चतम आध्यात्मिक मूल्यों को प्राप्त करते हैं। गुरु की प्रेरणा हमें प्रगति की ओर अग्रसर करती है और हमें जीवन में प्रकाश, प्रचुरता और आनंद का अनुभव करने का अवसर प्रदान करती है। गुरु से प्रेरणा प्राप्त करके, हम अपने जीवन को पवित्र बनाते हैं और एक महान एवं आध्यात्मिक रूप से प्रभावशाली व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं।
ॐ भगवत दर्शन ॐ भगवत दर्शन ॐ भगवत दर्शन
श्री राम नाथ दास जी महाराज
सर्वप्रथम, मैं अपने गुरु के चरणों में नमन करता हूँ। मैं भागवत धर्म दर्शन के पूज्य संस्थापक रामनाथ दास जी महाराज को नमन करता हूँ। अपने गहन ज्ञान और अटूट भक्ति के माध्यम से, उन्होंने असंख्य व्यक्तियों के जीवन को प्रकाशित किया है और उन्हें सही मार्ग दिखाया है जहाँ कभी भ्रम था। गुरु की शरण में आकर ही व्यक्ति जीवन के सार को सही अर्थों में समझ सकता है। ‘गुरु’ शब्द का अर्थ है ‘वह जो अज्ञान के अंधकार को दूर कर हमें सत्य के प्रकाश की ओर ले जाए।’
भागवत धर्म दर्शन मानवता के आध्यात्मिक और सामाजिक उत्थान के लिए गुरु जी द्वारा प्रेरित एक गहन आंदोलन है। यह दिव्य ज्ञान की एक सतत धारा है जो हमारे जीवन में गहन परिवर्तन लाती है और हमें सच्ची सेवा के लिए प्रेरित करती है। रामनाथ दास जी महाराज ने अपना संपूर्ण जीवन समाज कल्याण के लिए समर्पित कर दिया और अपने सभी शिष्यों को धर्म के मार्ग पर निरंतर मार्गदर्शन किया है। गुरु हमें अपने कर्तव्यों का पालन करने, इस जीवन में सच्ची शांति, समृद्धि और संतोष प्राप्त करने के लिए प्रेरित करते हैं। उनकी शिक्षाएँ सत्य, भक्ति, करुणा और उच्च मानवीय मूल्यों के शाश्वत प्रतीकों पर केंद्रित हैं।
गुरु से प्राप्त प्रेरणा हमें परिष्कृत करती है, तथा निःस्वार्थ एवं दयालु मानव बनाती है।
एक सच्चा गुरु न केवल हमें दुनिया को देखने के नए तरीके प्रदान करता है, बल्कि हमारी आंतरिक आत्मा पर भी गहरा प्रभाव डालता है और हमें आत्म-साक्षात्कार का मार्ग दिखाता है। गुरु का एक महत्वपूर्ण योगदान यह है कि वह हमें अपनी अंतर्निहित क्षमता और योग्यताओं को पहचानने में मदद करता है। वह हमें अपनी नैतिक शक्ति और इच्छाशक्ति को जागृत करने के लिए प्रेरित करता है। जब हम गुरु के मार्गदर्शन का पालन करते हैं, तो हमें अपने छिपे हुए गुणों और क्षमताओं को खोजने और विकसित करने का अवसर मिलता है। गुरु से प्राप्त सच्ची प्रेरणा हमारी असीम आध्यात्मिक शक्ति को जागृत करती है और हमें महान लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए प्रेरित करती है।
संक्षेप में, गुरु से प्राप्त प्रेरणा से हम ज्ञान, आंतरिक शांति, आत्म-नियंत्रण, सकारात्मकता और उच्चतम आध्यात्मिक मूल्यों को प्राप्त करते हैं। गुरु की प्रेरणा हमें प्रगति की ओर अग्रसर करती है और हमें जीवन में प्रकाश, प्रचुरता और आनंद का अनुभव करने का अवसर प्रदान करती है। गुरु से प्रेरणा प्राप्त करके, हम अपने जीवन को पवित्र बनाते हैं और एक महान एवं आध्यात्मिक रूप से प्रभावशाली व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं।
ॐ भगवत दर्शन ॐ भगवत दर्शन ॐ भगवत दर्शन
भगवत धर्म दर्शन की स्थापना श्री राम नाथ दास जी महाराज की दिव्य प्रेरणा और एक उदात्त विजन के साथ की गई है। हमारा परम लक्ष्य प्रामाणिक आध्यात्मिक ज्ञान और मार्गदर्शन का मुख्य केंद्र बनना है। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि प्रत्येक भक्त, ब्राह्मण, और जिज्ञासु व्यक्ति पवित्र वैदिक परंपरा को उसकी पूर्ण गरिमा और शुद्धता के साथ सीख सके। हमारा विजन एक ऐसे समाज का निर्माण करना है जो सत्य, भक्ति, और उच्च मानवीय मूल्यों की नींव पर टिका हो।
यह विजन एक स्पष्ट मिशन के माध्यम से साकार होता है: सनातन हिंदू पूजा पद्धति को संरक्षित और प्रचारित करना। यह मिशन तीन प्रमुख स्तंभों पर आधारित है:
शुद्धता की शिक्षा और ज्ञान का प्रसार: हमारा प्राथमिक उद्देश्य उन सभी भक्तों का मार्गदर्शन करना है जो पूजा-पाठ की विधियों से तो परिचित हैं, लेकिन वैदिक मंत्रों और स्तोत्रों के सही उच्चारण (शुद्ध उच्चारण) में कठिनाई महसूस करते हैं। गुरु जी की शिक्षाएँ यह सुनिश्चित करती हैं कि रुद्री पाठ, कर्मकाण्ड, दुर्गा सप्तशती पाठ, भागवत मूल पाठ, सहस्रनाम, और स्तोत्र जैसे गहन पाठों का अभ्यास पूर्ण शुद्धता के साथ किया जा सके।
ज्ञान की सुलभता: इस मिशन को सफल बनाने के लिए, हम ज्ञान को विभिन्न श्रेणियों में विभाजित करके वीडियो पाठों के माध्यम से प्रस्तुत करते हैं, जिससे यह अमूल्य शिक्षा हर किसी के लिए सुलभ हो सके, चाहे वे कहीं भी हों।
आंतरिक विकास और आत्म-साक्षात्कार: इन धार्मिक ग्रंथों को सीखने से परे, गुरु जी की प्रेरणा का उद्देश्य भक्तों के आंतरिक और आध्यात्मिक विकास को सुनिश्चित करना है। यह शिक्षा केवल कर्मकांड तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भक्तों को आत्म-सुधार के मार्ग पर आगे बढ़ने, अपनी असीमित शक्ति को जगाने और जीवन में शांति, समृद्धि और संतोष प्राप्त करने के लिए प्रेरित करती है।
इस प्रकार, भगवत धर्म दर्शन केवल एक शैक्षणिक मंच नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक आंदोलन है जो गुरु जी के मार्गदर्शन में भक्तों को ज्ञान, भक्ति और धर्म के मार्ग पर पूर्णता के साथ अग्रसर करता है।